Mutual fund investments are subject to market risks. Please read the scheme information and other related documents carefully before investing. Past performance is not indicative of future returns. Please Stock Market कैसे काम करता है consider your specific investment requirements before choosing a fund, or designing a portfolio that suits your needs.

जब शेयर मार्केट गिरता है तो कहां जाता है आपका पैसा? यहां समझिए इसका गणित

Share market: जब शेयर मार्केट डाउन होता है, तो निवेशकों का पैसा डूबकर किसके पास जाता है? क्या निवेशकों के नुकसान से किसी को मुनाफा होता है. आइए इसका जवाब बताते हैं.

  • शेयर मार्केट डिमांड और सप्लाई के फॉर्मूले पर काम करता है
  • अगर कंपनी अच्छा परफॉर्म करेगी तो उसके शेयर के दाम बढ़ेंगे
  • राजनीतिक घटनाओं का भी शेयर मार्केट पर पड़ता है असर

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जब शेयर मार्केट गिरता है तो कहां जाता है आपका पैसा? यहां समझिए इसका गणित

नई दिल्ली: आपने शेयर मार्केट (Share Market) से जुड़ी तमाम खबरें सुनी होंगी. जिसमें शेयर मार्केट में गिरावट और बढ़त जैसी खबरें आम हैं. लेकिन कभी आपने सोचा है कि जब शेयर मार्केट डाउन होता है, तो निवेशकों का पैसा डूबकर किसके पास जाता है? क्या निवेशकों के नुकसान से किसी को मुनाफा होता है. इस सवाल का जवाब है नहीं. आपको बता दें कि शेयर मार्केट में डूबा हुआ पैसा गायब हो जाता है. आइए इसको समझाते हैं.

कंपनी के भविष्य को परख कर करते हैं निवेश

आपको पता होगा कि कंपनी शेयर मार्केट में उतरती हैं. इन कंपनियों के शेयरों पर निवेशक पैसा लगाते हैं. कंपनी के भविष्य को परख कर ही निवेशक और विश्लेषक शेयरों में निवेश करते हैं. जब कोई कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो उसके शेयरों को लोग ज्यादा खरीदते हैं और उसकी डिमांड बढ़ जाती है. ऐसे ही जब किसी कंपनी के बारे में ये अनुमान लगाया जाए कि भविष्य में उसका मुनाफा कम होगा, तो कंपनी के शेयर गिर जाते हैं.

डिमांड और सप्लाई के फॉर्मूले पर काम करता है Stock Market कैसे काम करता है शेयर

शेयर मार्केट डिमांड और सप्लाई के फॉर्मूले पर काम करता है. लिहाजा दोनों ही परिस्‍थितियों में शेयरों का मूल्‍य घटता या बढ़ता जाता है. इस बात को ऐसे लसमझिए कि किसी कंपनी का शेयर आज 100 रुपये का है, लेकिन कल ये घट कर 80 रुपये का हो गया. ऐसे में निवेशक को सीधे तौर पर घाटा हुआ. वहीं जिसने 80 रुपये में शेयर खरीदा उसको भी कोई फायदा नहीं हुआ. लेकिन अगर फिर से ये शेयर 100 रुपये का हो जाता है, तब दूसरे निवेशक को फायदा होगा.

कैसे काम करता है शेयर बाजार

मान लीजिए किसी के पास एक अच्छा बिजनेस आइडिया है. लेकिन उसे जमीन पर उतारने के लिए पैसा नहीं है. वो किसी निवेशक के पास गया लेकिन बात नहीं बनी और ज्यादा पैसे की जरूरत है. ऐसे में एक कंपनी बनाई जाएगी. वो कंपनी सेबी से संपर्क कर शेयर बाजार में उतरने की बात करती है. कागजी कार्रवाई पूरा करती है और फिर शेयर बाजार का खेल शुरू होता है. शेयर बाजार में आने के लिए नई कंपनी होना जरूरी नहीं है. पुरानी कंपनियां भी शेयर बाजार में आ सकती हैं.

शेयर का मतलब हिस्सा है. इसका मतलब जो कंपनियां शेयर बाजार या स्टॉक मार्केट में लिस्टेड होती हैं उनकी हिस्सेदारी बंटी रहती है. स्टॉक मार्केट में आने के लिए सेबी, बीएसई और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में रजिस्टर करवाना होता है. जिस कंपनी में कोई भी निवेशक शेयर खरीदता है वो उस कंपनी में हिस्सेदार हो जाता है. ये हिस्सेदारी खरीदे गए शेयरों की संख्या पर निर्भर करती है. शेयर खरीदने और बेचने का काम ब्रोकर्स यानी दलाल करते हैं. कंपनी और शेयरधारकों के बीच सबसे जरूरी कड़ी का काम ब्रोकर्स ही Stock Market कैसे काम करता है करते हैं.

निफ्टी और सेंसेक्स कैसे तय होते हैं?

इन दोनों सूचकाकों को तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर है कंपनी का प्रदर्शन. अगर कंपनी अच्छा परफॉर्म करेगी तो लोग उसके शेयर खरीदना चाहेंगे और शेयर की मांग बढ़ने से उसके दाम बढ़ेंगे. अगर कंपनी का प्रदर्शन खराब रहेगा तो लोग शेयर बेचना शुरू कर देंगे और शेयर की कीमतें गिरने लगती हैं.

इसके अलावा कई दूसरी चीजें हैं जिनसे निफ्टी और सेंसेक्स पर असर पड़ता है. मसलन भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बारिश अच्छी या खराब होने का असर भी शेयर मार्केट पर पड़ता है. खराब बारिश से बाजार में पैसा कम आएगा और मांग घटेगी. ऐसे में शेयर बाजार भी गिरता है. हर राजनीतिक घटना का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता है. चीन और अमेरिका के कारोबारी युद्ध से लेकर ईरान-अमेरिका तनाव का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता है. इन सब चीजों से व्यापार प्रभावित होते हैं.

शेयर बाजार Stock Market कैसे काम करता है में कैसे काम करता है बुल मार्केट, जानें स्टाक पर क्या होता है इसका प्रभाव

जब स्टॉक की प्राइस 20-20 प्रतिशत की दो अवधियों की गिरावट के बाद भी 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं। वहीं ट्रेडर बुल मार्केट का लाभ उठाने के लिए खरीद में बढ़ोतरी होल्ड या रिट्रेसमेंट जैसी कई रणनीतियों को अपना लेता हैं।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। बुल मार्केट (Bull Market) किसी फाइनेंशियल मार्केट की वह स्थिति होती है जिसमें किसी एसेट या सिक्योरिटी की प्राइस बढ़ रही होती है या बढ़ने की उम्मीद होती है। ‘बुल मार्केट' शब्द का उपयोग अक्सर स्टॉक मार्केट के लिए किया जाता है लेकिन इसे किसी भी चीज के लिए प्रयोग किया जा सकता है जिसे ट्रेड किया जा सकता है जैसे कि बॉन्ड्स, रियल एस्टेट, करेंसी और कमोडिटीज। हालांकि, ट्रेडिंग के दौरान सिक्योरिटीज की प्राइस अनिवार्य रूप से घटती और बढ़ती रहती हैं। बुल मार्केट' को विशेष रूप से विस्तारित अवधि के लिए उपयोग में Stock Market कैसे काम करता है लाया जाता है जिसमें सिक्योरिटी मूल्यों का बड़ा हिस्सा बढ़ रहा होता है।

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बता दें कि बुल मार्केट महीनों तक यहां तक कि वर्षों तक बने रह सकते हैं। आम तौर पर बुल मार्केट तब होता है जब स्टॉक की प्राइस 20-20 प्रतिशत की दो अवधियों की गिरावट के बाद भी 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं। वहीं, ट्रेडर बुल मार्केट का लाभ उठाने के लिए खरीद में बढ़ोतरी, होल्ड या रिट्रेसमेंट जैसी कई रणनीतियों को अपना लेता हैं।

बुल मार्केट के लक्षण

बुल मार्केट इन्वेस्टर के आत्मविश्वास और उम्मीदें को लंबे समय तक बनाए रखता है। साथ ही, इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है कि मार्केट में ट्रेंड में कब बदलाव आएगा।हाल के Stock Market कैसे काम करता है वर्षों में बुल मार्केट 2003 और 2007 की अवधि के दौरान देखा गया था जब एसएंडपी 500 में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई थी। आम तौर पर यह तब होता है जब अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही होती है या पहले से ही मजबूत होती है।

बुल मार्केट का लाभ कैसे उठाएं?

जो इन्वेस्टर बुल मार्केट का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें बढ़ती प्राइस का लाभ उठाने के लिए आरंभ में ही खरीद कर लेनी चाहिए और जब वे अपनी पीक पर पहुंच जाएं तो उन्हें बेच डालना चाहिए। हालांकि यह तय करना मुश्किल और रिस्क भरा होता है कि कब गिरावट आएगी और कब पीक पर जाएगा, अधिकांश नुकसान कम मात्रा में होते हैं और अस्थायी होते हैं।

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क्‍या होता है IPO और कैसे किया जाता है इसमें निवेश, स्‍टॉक मार्केट की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं तो जान लें ये बेसिक बातें

शेयर मार्केट को काफी रिस्‍की माना जाता है. ये जितनी तेजी से मुनाफा करवाता है, उतनी ही तेजी से आपको पैसों का नुकसान भी करवा सकता है. इसमें पैसा लगाने से पहले इसको लेकर स्‍टडी करना और बेसिक बातों को जानना जरूरी है.

क्‍या होता है IPO और कैसे किया जाता है इसमें निवेश (Zee Biz)

बीते कुछ समय से शेयर मार्केट को लेकर क्रेज काफी बढ़ गया है. तमाम लोग इसमें पैसा इन्‍वेस्‍ट करते हैं और बेहतर मुनाफा कमाते हैं. लेकिन शेयर मार्केट को काफी रिस्‍की माना जाता है. ये जितनी तेजी से मुनाफा करवाता है, उतनी ही तेजी से आपको पैसों का नुकसान भी करवा सकता है. इसलिए ये जरूरी है कि स्‍टॉक मार्केट की दुनिया में कदम रखने से पहले आप इसको लेकर स्‍टडी कर लें और कुछ बेसिक बातों को अच्‍छी तरह से जान लें.

स्‍टॉक मार्केट की दुनिया में आपने IPO का जिक्र जरूर सुना होगा. तमाम कंपनियां अपने IPO को समय-समय पर लॉन्‍च करती हैं और लोग उसमें अपना पैसा लगाते हैं. अगर आप इस क्षेत्र में नए हैं और शेयर मार्केट में पैसा लगाना चाहते हैं, तो यहां जानिए क्‍या होता है आईपीओ और इसमें निवेश करने का तरीका क्‍या है?

क्‍या होता है IPO

आईपीओ का मतलब है Initial Public Offering. जब कोई कंपनी पहली बार पब्लिक को अपने शेयर ऑफर करती है तो इसे IPO कहा जाता है. ऐसे समझें कि देश में तमाम प्राइवेट कंपनियां विभिन्‍न क्षेत्रों में काम करती हैं. जब इन कंपनियों को फंड की जरूरत होती है तो ये खुद को स्‍टॉक मार्केट में लिस्‍ट करवाती हैं और इसका सबसे बेहतर तरीका है आईपीओ. आईपीओ को जारी करने के बाद कंपनी शेयर मार्केट में लिस्‍ट हो जाती है. इसके बाद निवेशक उसके शेयर को खरीद और बेच सकते हैं.

आईपीओ खरीदने वालों की कंपनी में होती है हिस्‍सेदारी

कंपनी के आईपीओ खरीदने वालों की कंपनी में हिस्‍सेदारी हो जाती है और कंपनी के पास फंड इकट्ठा हो जाता है. साधारण शब्‍दों में समझें तो आईपीओ को लाने के बाद उस कंपनी को चलाने वाला सिर्फ उसका मालिक या परिवार नहीं होता, बल्कि वो सभी निवेशक भी इसमें शामिल होते हैं जिनका पैसा उसके शेयर में लगा होता है. निवेशकों से आए फंड को कंपनी अपनी कंपनी की तरक्‍की और तमाम अन्‍य कामों में खर्च कर सकती है.


आईपीओ में कैसे करें निवेश

आईपीओ में निवेश करने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट का होना बहुत जरूरी है. डीमैट अकाउंट आप किसी भी ब्रोकिंग फर्म से खोल सकते हैं. आईपीओ जारी करने वाली कंपनी अपने आईपीओ को इनवेस्टर्स के लिए 3-10 दिनों के लिए ओपन करती है. उतने दिनों के अंदर ही निवेशक कंपनी की साइट पर जाकर या ब्रोकरेज फर्म की मदद से आईपीओ में इन्‍वेस्‍ट कर सकते हैं.

WATCH: Upcoming IPOs | इन 4 Companies के Shares में पैसा लगाने का मौका, जल्द आने वाले हैं IPO!

शेयर बाजार

भंडारमंडी सार्वजनिक बाजारों को संदर्भित करता है जो स्टॉक एक्सचेंज या ओवर-द-काउंटर पर व्यापार करने वाले शेयरों को जारी करने, खरीदने और बेचने के लिए मौजूद हैं। शेयर बाजार (शेयर बाजार भी कहा जाता है) पैसा निवेश करने के कई रास्ते देता है, लेकिन यह विश्लेषण के साथ किया जाना है (तकनीकी विश्लेषण ,मौलिक विश्लेषण आदि) और उसके बाद ही किसी को लेना चाहिएबुलाना कानिवेश.

stock-market

स्टॉक, जिसे . के रूप में भी जाना जाता हैइक्विटीज, एक कंपनी में आंशिक स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं, और शेयर बाजार एक ऐसा स्थान है जहां निवेशक ऐसी निवेश योग्य संपत्तियों के स्वामित्व को खरीद और बेच सकते हैं। एक कुशलतापूर्वक कार्यशील शेयर बाजार को आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह कंपनियों को शीघ्रता से उपयोग करने की क्षमता देता हैराजधानी जनता से।

स्टॉक मार्केट में कौन काम करता है?

स्टॉक मार्केट से जुड़े कई अलग-अलग खिलाड़ी हैं, जिनमें ट्रेडर, स्टॉकब्रोकर, पोर्टफोलियो मैनेजर, स्टॉक एनालिस्ट और इनवेस्टमेंट बैंकर शामिल हैं। प्रत्येक की एक अनूठी भूमिका होती है।

शेयर दलालों

स्टॉकब्रोकर लाइसेंस प्राप्त पेशेवर हैं जो निवेशकों की ओर से प्रतिभूतियां खरीदते और बेचते हैं। ब्रोकर निवेशकों की ओर से स्टॉक खरीद और बेचकर स्टॉक एक्सचेंज और निवेशकों के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं।

पोर्टफोलियो प्रबंधक

ये ऐसे पेशेवर हैं जो ग्राहकों के लिए पोर्टफोलियो, या प्रतिभूतियों का संग्रह निवेश करते हैं। इन प्रबंधकों को विश्लेषकों से सिफारिशें मिलती हैं और पोर्टफोलियो के लिए खरीदने या बेचने का निर्णय लेते हैं।म्यूचुअल फंड कंपनियां,हेज फंड, और पेंशन योजनाएँ निर्णय लेने के लिए पोर्टफोलियो प्रबंधकों का उपयोग करती हैं और उनके पास मौजूद धन के लिए निवेश रणनीतियाँ निर्धारित करती हैं।

स्टॉक विश्लेषक

स्टॉक विश्लेषक अनुसंधान करते हैं और प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या रखने के रूप में मूल्यांकन करते हैं। यह शोध ग्राहकों और इच्छुक पार्टियों को प्रसारित किया जाता है जो यह तय करते हैं कि स्टॉक खरीदना या बेचना है या नहीं।

निवेश बैंकर

निवेश बैंकर विभिन्न क्षमताओं में कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसे कि निजी कंपनियां जो आईपीओ के माध्यम से सार्वजनिक होना चाहती हैं या ऐसी कंपनियां जो लंबित विलय और अधिग्रहण में शामिल हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) मुंबई में स्थित भारत का प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है। NSE की स्थापना 1992 में देश में पहले डिम्युचुअलाइज्ड इलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंज के रूप में हुई थी। एनएसई एक आधुनिक, पूरी तरह से स्वचालित स्क्रीन-आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम प्रदान करने वाला देश का पहला एक्सचेंज था, जो आसान ट्रेडिंग की पेशकश करता थासुविधा देश भर में फैले निवेशकों के लिए।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज

1875 में स्थापित, बीएसई (पूर्व में के रूप में जाना जाता था)बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज Ltd.) एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है। यह दुनिया का सबसे तेज़ स्टॉक एक्सचेंज होने का दावा करता है, जिसकी औसत व्यापार गति 6 माइक्रोसेकंड है। बीएसई अप्रैल 2018 तक 2.3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के कुल बाजार पूंजीकरण के साथ दुनिया का 10 वां सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।

आप शेयर बाजार में कैसे निवेश करते हैं?

शेयर बाजार में निवेश करना बहुत ही आसान प्रक्रिया है। आपको दो खाते खोलने होंगे- डीमैट औरट्रेडिंग खाते.

सबसे पहले, एक खोलने के लिएडीमैट खाता ऑनलाइन आपको कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता है जैसे-

डीमैट खोलने के बाद, आप ऑनलाइन ब्रोकरों के साथ ट्रेडिंग खाता खोल सकते हैं।

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Investment Tips: शेयर मार्केट से करोड़पति कैसे बनें? आपका भी है यही सवाल? ये 7 जवाब

अमित कुमार दुबे

पैसा कमाना हर किसी को अच्छा लगता है. कहा जाता है कि शेयर बाजार में बहुत पैसा है. कुछ लोगों को उदाहरण दिया जाता है कि इन्होंने महज 5000 रुपये से निवेश की शुरुआत की थी, और आज शेयर बाजार से करोड़ों रुपये बना रहे हैं. आखिर उनकी सफलता का राज क्या है, आज हम आपको बताएंगे? (Photo: Getty Images)

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दरअसल, आप भी कुछ आसान टिप्स को फॉलो कर शेयर बाजार से पैसे बना सकते हैं. शेयर बाजार में कुछ बातों का ध्यान रखकर आप लखपति से करोड़पति बन सकते हैं. लेकिन अक्सर लोग पैसे बनाने की होड़ में नियम और रिस्क को भूल जाते हैं, या फिर कहें जानबूझकर नजरअंदाज कर देते हैं. और फिर उनकी उनकी शिकायत होती है कि शेयर बाजार से बड़ा नुकसान हो गया. (Photo: Getty Images)

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यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि शेयर बाजार से 90 फीसदी से ज्यादा रिटेलर पैसा नहीं बना पाते हैं, हर रिटेल निवेशक को शेयर बाजार में कदम रखने से पहले इसे आंकड़े को ध्यान में रखना चाहिए. लेकिन एक इसमें एक अच्छी बात यह है कि 10 फीसदी रिटेल निवेशक पैसे बनाने में सफल रहते हैं. क्योंकि वे नियमों को फॉलो करते हैं. (Photo: Getty Images)

शुरुआत कैसे करें:

अब आइए आपको बताते हैं कि शेयर बाजार के आप कैसे करोड़पति बन सकते हैं.

1. शुरुआत कैसे करें: शेयर बाजार में निवेश से पहले ये जानने की कोशिश करें कि शेयर बाजार क्या है? शेयर बाजार कैसे काम करता है? लोगों को शेयर बाजार से कैसे कमाई होती है? क्योंकि शेयर बाजार कोई पैसे बनाने की मशीन नहीं है. डिजिटल के इस दौर में आप घर बैठे ऑनलाइन इस बारे में जानकारी जुटा सकते हैं. इसके अलावा आप इस मामले में वित्तीय सलाहकार की मदद ले सकते हैं. जो आपको शुरुआत में सही दिशा बताएंगे.

छोटी रकम से करें निवेश की शुरुआत


2. छोटी रकम से करें निवेश की शुरुआत: ये जरूरी नहीं है कि शेयर बाजार में निवेश के लिए बड़ी रकम होनी चाहिए. अधिकतर लोग यही गलती करते हैं. अपनी पूरी जमापूंजी शेयर बाजार में लगा देते हैं. फिर बाजार में उतार-चढ़ाव को झेल नहीं पाते हैं. आप छोटी रकम यानी महज 5 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. (Photo: Getty Images)

टॉप कंपनियों को चुनें

3. टॉप कंपनियों को चुनें: शुरुआत में बहुत ज्यादा रिटर्न पर फोकस करने से बचें. क्योंकि बहुत ज्यादा रिटर्न के चक्कर में लोग उन कंपनियों स्टॉक्स में पैसे लगा देते हैं, जो फंडामेंटली मजबूत नहीं होते हैं, और फिर फंस Stock Market कैसे काम करता है जाते हैं. इसलिए निवेश की शुरुआत अक्सर लार्ज कैप कंपनियों से करें. जो फंडामेंटली मजबूत हो. जब आपको कुछ साल का अनुभव हो जाएगा तो फिर थोड़ा रिस्क ले सकते हैं.

 निवेशित रहने की जरूरत

4. निवेशित रहने की जरूरत: जब आप छोटी रकम से निवेश की शुरुआत करेंगे, तो फिर हर महीने निवेश को बढ़ाते रहें. अपने पोर्टफोलियो को संतुलित बनाकर रखें. जब आप लगातार कुछ साल तक बाजार में निवेशित रहेंगे तो फिर आप लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं. अक्सर बाजार में लंबे समय के निवेशित रहने वालों का फायदा होता है. (Stock Market कैसे काम करता है Photo: Getty Images)

पैनी स्टॉक्स से रहें दूर

5. पैनी स्टॉक्स से रहें दूर: रिटेल निवेशक अक्सर सस्ते स्टॉक्स पर फोकस करते हैं. 10-15 रुपये वाले स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लेते हैं और फिर गिरावट में घबरा जाते हैं. उन्हें लगता है कि सस्ते शेयर में कम निवेश कर ज्यादा कमाया जा सकता है. लेकिन ये सोच गलत है. स्टॉक्स का चयन हमेशा कंपनी की ग्रोथ को देखकर करें. उसी कंपनी में निवेश करें, जिसका बिजनेस अच्छा हो और उस बिजनेस को चलाने वाला मैनेजमेंट अच्छा हो.

 गिरावट में घबराएं नहीं

6. गिरावट में घबराएं नहीं: शेयर बाजार में जब भी गिरावट आए, तो अपने निवेश को बढ़ाने बढ़ाएं. अक्सर रिटेल निवेशक को जब तक कमाई होती है, तब तक वो निवेश में बने रहते हैं. लेकिन जैसे से बाजार में गिरावट का दौर चलता है, रिटेल निवेशक घबराने लगते हैं, और फिर बड़े नुकसान के डर से शेयर सस्ते में बेच देते हैं. जबकि बड़े निवेशकर खरीदारी के लिए गिरावट का इंतजार करते हैं. (Photo: Getty Images)

 कमाई का कुछ हिस्सा करें सुरक्षित निवेश


7. कमाई का कुछ हिस्सा करें सुरक्षित निवेश: शेयर बाजार से होने वाली कमाई के कुछ हिस्से को सुरक्षित निवेश के तौर पर दूसरे जगह पर भी लगाएं. इसके अलावा अपने मुनाफे को बीच-बीच में कैश करते हैं. सबसे अहम और हर रिटेल निवेशक के जरूरी बात यह है कि वे बिना जानकारी शेयर बाजार से दूर रहें, और निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें. देश के बड़े निवेशकों को फॉलो करें, उनकी बातों को गंभीरता से लें. (Photo: Getty Images)

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